सोमवार, 15 अगस्त 2011

** नमन उनको **


कोटि कोटि नमन
पद चिन्ह ,
जो लौट नहीं सके ,
बन गए हस्ताक्षर अमिट ,                          
अमर-गाथा के ,
लिख गए प्रलेख
अमर.....
दे गए चलन ,
वतन पर कुर्बान  होने का ,
दे गए आत्म  -विस्वास    ,
विजेता   होने  का,
दुरुहतम
 पथ  में  ....
दे गए साहस ,
वरण करने  का-
फांशी का फंदा
  हंसकर    ../
दे गएशब्द  अनमोल  ,
"जननी  जन्मभूमिश्च श्वर्गादपी गरीयशी "
दे गए हुँकार --
जय -हिंद ,
वसन -
तिरंगा  ..
निषिद्ध   कर   गए,
याचना  ,प्रवंचना  ,भीरुता  ,
डर,विवशता  , दैन्यता ......
छू  न   जाये   ,
पवित्र  हृदय  के अंतस  को ,
भारतीयता  के मानस  को  ,
प्रज्वलित   रहे  मशाल  .
जलती  रहे  आग  ,
जो अमर वलिदानियों  ने  ,
लगायी   है  ..
चल  सकें  पद -चिन्हों   पर,
तो  वसीयत  हमारी  है  ,
वारिस  कहलाने  का अधिकार  मिले ,
मात्री-भूमि  पर,न्योछावर  हों   ,
सिर  कटाने  की  
हमारी  
बारी   है   ..../


                             उदय  वीर  सिंह  .
                              15/08/2011 .

18 टिप्‍पणियां:

S.N SHUKLA ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना , खूबसूरत प्रस्तुति .
स्वतन्त्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ
कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

याद दिलाने का आभार! आज स्वतंत्रता दिवस पर उन सब हुतात्माओं को नमन जिन्होने इस राष्ट्र के भविष्य के लिये अपना सर्वस्व क़ुर्बान कर दिया!

Kunwar Kusumesh ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति.
स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और ढेर सारी बधाईयां

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
65वें स्वतन्त्रतादिवस की हार्दिक मंगलकामनाएँ!

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सत् श्री अकाल /वंदेमातरम भाई उदयवीर जी आपकी रचना बहुत ही सुंदर है साथ में बहुत ही सुंदर है आपका मन बधाई और शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सत् श्री अकाल /वंदेमातरम भाई उदयवीर जी आपकी रचना बहुत ही सुंदर है साथ में बहुत ही सुंदर है आपका मन बधाई और शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सत् श्री अकाल /वंदेमातरम भाई उदयवीर जी आपकी रचना बहुत ही सुंदर है साथ में बहुत ही सुंदर है आपका मन बधाई और शुभकामनाएं

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सत् श्री अकाल /वंदेमातरम भाई उदयवीर जी आपकी रचना बहुत ही सुंदर है साथ में बहुत ही सुंदर है आपका मन बधाई और शुभकामनाएं

नीरज गोस्वामी ने कहा…

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं



नीरज

नीरज गोस्वामी ने कहा…

स्वतंत्रता दिवस की शुभकानाएं

इस अप्रतिम रचना के लिए बधाई स्वीकारें

नीरज

सागर ने कहा…

very nice post....

Sunil Kumar ने कहा…

बहुत खूबसूरत प्रस्तुति .
स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ.

Amrita Tanmay ने कहा…

बहुत सुंदर ..संवेदनशील अभिव्यक्ति |स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ|

अरुण चन्द्र रॉय ने कहा…

स्वत्नत्रता दिवस की शुभकामना...बहुत सुन्दर रचना

vandana ने कहा…

कोटि कोटि नमन
पद चिन्ह ,
जो लौट नहीं सके ,
बन गए हस्ताक्षर अमिट ,
अमर-गाथा के ,
लिख गए प्रलेख
अमर.....

बहुत बढ़िया ....हमारा भी नमन

रचना दीक्षित ने कहा…

सुन्दर शब्दों में पगी एक बेहतरीन प्रस्तुति
स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ.

निवेदिता ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति..........