शनिवार, 29 अक्तूबर 2011

राग- हिंदुस्तान

 [भार्या ने कहा ,जा रहे हो ,तो कुछ आवश्यक सामान हैं ,हो सके तो लेते आना .......]
***
टूटे   ख्वाब   जोड़   देने  का  सामान  लेते  आना ,
मेरे आँगन में बरसे फूल  वो आसमान लेते आना - 


          करुणा   का   संवेग , दया   की 
          धारा का   कलरव  छम - छम ,
          क्षमा प्रेम  की ,मलय   निरंतर 
          न्याय ,नम्रता ,लहराए परचम .


नाप सकें गहराई नभ  की ,प्रतिमान लेते आना -


          कंठ कोकिला  बसती   जाये ,
          उज्वल   प्रभा का सम्मलेन ,
          नव -प्रभात खुशियों की वेला ,
          प्रज्ञा , विवेक  का  हो  मंचन 


समवेत स्वरों का वाहक हो ,वह ज्ञान लेते आना -


          तम   जाये   गह्वर   की    ओर,
          निलय रश्मियों से जग-मग हो ,
          धरा    हमारी     कनक    फले ,
          प्रीत  निराली  हर पग- पग  हो ,

मानव  -मात्र का अनुशीलन ,पहचान लेते आना - 


          हिन्दू , मुस्लिम, शिख   ईसाई ,
          पथ -  प्रकाश   बनके   चिराग ,
          अप्रतिम सौन्दर्य के नक्षत्र बने ,
          दिग-   दिगंत  हो   बाग  - बाग  .


सुन सकेंगे प्यार से ,राग- हिंदुस्तान लेते आना -


                                      उदय वीर सिंह .

12 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत बढ़िया!

S.N SHUKLA ने कहा…

बहुत सुन्दर, बधाई

रविकर ने कहा…

रवि को रविकर दे सजा, चर्चित चर्चा मंच

चाभी लेकर बाचिये, आकर्षक की-बंच ||

रविवार चर्चा-मंच 681

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आज 29- 10 - 2011 को आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है .....


...आज के कुछ खास चिट्ठे ...आपकी नज़र .तेताला पर

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

वन्दना ने कहा…

वाह गज़ब की प्रस्तुति।

Kailash C Sharma ने कहा…

टूटे ख्वाब जोड़ देने का सामान लेते आना ,
मेरे आँगन में बरसे फूल वो आसमान लेते आना -

....लाज़वाब! शब्दों और भावों का अद्भुत संयोजन...बधाई

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत सुन्दर शब्दों से मन के भावों को उकेरा है ..., बधाई..

Kajal Kumar ने कहा…

वाह बहुत सुंदर कविता है उदयवीर जी

ZEAL ने कहा…

.

टूटे ख्वाब जोड़ देने का सामान लेते आना ,
मेरे आँगन में बरसे फूल वो आसमान लेते आना -

Great creation !...very appealing and inspiring.

.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वाह ... कितना मधुर गीत ... लयबद्ध .... मज़ा आ गया ...

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुन सकेंगे प्यार से ,राग- हिंदुस्तान लेते आना -
सुन्दर!