सोमवार, 7 मई 2012

संवाद करो

मौन   तोड़ो  ,अधर  खोलो  ,संवाद    करो ,
खंडित   हो  पग - बंध , तीब्र आघात  करो -


ध्येय ,  धर्म, संकल्प, चरित्र   सुचिता ,
आत्मबल अनुराग अस्मिता आलोक -
प्रतिभा ,प्रयोग   ,प्रयत्न  पराक्रम प्रज्ञा 
हृदय,    हुलाष  ,   हठ    हित   आमोद- 
वरण शुभ का करो ,सृजन आत्मसात करो -


शक्ति  ,  संचित  ,  संचरित ,   शमनार्थ 
विद्वेष , विकलता  , व्यसन    दमनार्थ ,
उतिष्ठ,  उत्तान,  उमंग -  उर , उर्जावान 
उरस्य व्यग्रता,विजय,वरण निहितार्थ ,
स्वर  संधान , मृदु- तान भरो, आलाप  करो-


निशा   निमित्त, निखिल  नभ नम्रता ,
आवरण    आसन्न ,  आभा   अंचिता-
पुष्ट -   प्रतिकार ,    प्रमाद  ,  प्रवंचना ,
सत्य,  स्वीकार  ,सदैव सत - संघिता-
जय   बोलो , प्रवीर ,  प्रखर   संघात    करो-


शत्रु- दमनार्थ ,रक्षार्थ गौरव,प्रतिघात  करो -


                                             उदय वीर सिंह 
                                              07-05-2012



13 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अद्भुत उत्साहवर्धक पंक्तियाँ..कई बार पढ़ने का मन किया..

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत प्रेरक संदेश देती सुन्दर रचना..बधाई..

Anupama Tripathi ने कहा…

वरण शुभ का करो ,सृजन आत्मसात करो -
उत्कृष्ट ...सकारात्मक रचना ...!!
शुभकामनायें ...!!

रविकर फैजाबादी ने कहा…

सही सन्देश |
आभार भाई जी ||

dheerendra ने कहा…

निशा निमित्त, निखिल नभ नम्रता ,
आवरण आसन्न , आभा अंचिता-
पुष्ट - प्रतिकार , प्रमाद , प्रवंचना ,
सत्य, स्वीकार ,सदैव सत - संघिता-
जय बोलो , प्रवीर , प्रखर संघात करो-

अद्भुत, उत्कृष्ट, सकारात्मक, प्रेरक, प्रस्तुति,....

RECENT POST....काव्यान्जलि ...: कभी कभी.....

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

वाह क्या बात है!! आपने बहुत उम्दा लिखा है...बधाई

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

ध्येय , धर्म, संकल्प, चरित्र सुचिता ,
आत्मबल अनुराग अस्मिता आलोक -
प्रतिभा ,प्रयोग ,प्रयत्न पराक्रम प्रज्ञा
हृदय, हुलाष , हठ हित आमोद-
वरण शुभ का करो ,सृजन आत्मसात करो -


बहुत सुन्दर विचारों से युक्त रचना...

पद्म सिंह ने कहा…

शत्रु- दमनार्थ ,रक्षार्थ गौरव,प्रतिघात करो -

प्रेरक रचना

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

तेजस्वी स्वर! वरण शुभ का करो ,सृजन आत्मसात करो! वाह!

Maheshwari kaneri ने कहा…

सुन्दर विचारों से युक्त उत्साहवर्धक पंक्तियाँ.... प्रेरक संदेश देती सुन्दर रचना...शुभकामनायें ..

Shanti Garg ने कहा…

बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

pushpi ने कहा…

अति उत्‍तम रचना उदय जी, बधाई । वैसे सभी स्‍तरीय हैं । आपकी भाषा भी सधी हुई है और सजी हुई भी ।

हॉं मेरी पोस्‍ट पर स्‍नेह के लिए आभार ।

pushpi ने कहा…

अति उत्‍तम रचना उदय जी, बधाई । वैसे सभी स्‍तरीय हैं । आपकी भाषा भी सधी हुई है और सजी हुई भी ।

हॉं मेरी पोस्‍ट पर स्‍नेह के लिए आभार ।