मंगलवार, 26 जून 2012

विकलांगता क्यों है ...


विकलांगता 
शरीर की, रचनाकार की भूल  
या प्रारब्ध  की त्रासदी   ,
रहस्यमयी है ..... 
विकलांगता ! 
हृदय  की ,स्नेह  की ,विवेक  की 
भाव की क्यों  है ?
ईमारत की, 
तामीर के लिए ,जरुरी है ,
लकड़ी,व जमीन, का सूखा होना , 
फसल व ,सृजन के लिए 
जमीन सूखी क्यों है  ?
काफिले गुजरते  गए 
समय भी ,दासतां लिखकर,
गवाह- ए- मंजर , दरख्त को 
मायूसी क्यों है ?
टांगना था खूंटियों पर ,
ईर्ष्या,विद्वेष अशहिष्णुता,पापाचार ,
सदाचार ,सदाशयता ,संस्कार 
खूंटी पर क्यों है ?
पत्र में प्रेम को छोड़ ,
लिखा, सब कुछ 
ऐसी वैचारिक 
विकलांगता 
क्यों 
है .....?


                        उदय वीर सिंह .
                          26 -06 -2012



   

4 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत गहन अभिव्यक्ति ..... मन और भावों की विकलांगता कष्टकारी होती है

dheerendra ने कहा…

पत्र में प्रेम को छोड़ ,
लिखा, सब कुछ
ऐसे प्रेम -पत्र की
मज़बूरी
क्यों है .....?

अर्थपूर्ण बहुत अच्छी अभिव्यक्ति,,,,

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अनुपस्थिति रह रह के उपस्थित क्यों हो जाती है जीवन में..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

गहन भावप्रणव अभिव्यक्ति!