शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

हम कतार में ,

हम कतार में  ,
अपनी बारी के इंतजार में हैं ,
पानी,राशन ,दवा ,
दुआ ,देव -दर्शन
रेल-टिकट ,बिजली ,
गैस- कनेक्सन ,
एक अदद मकान के आवंटन,
बच्चे के एड्मिसन के लिए..
25  साल से ,नाली के
विवाद के निस्तारण,
जीवित होने के
प्रमाण- पत्र के लिए ..
पासपोर्ट ,ड्राईविंग-लाईसेंस ,
राशन-कार्ड ,वोटर- कार्ड ,जाब- कार्ड,
के लिए.......
अनवरत,अंतहीन प्रतीक्षा में
प्रतीक्षारत .........
नीति, अनुशासन से मुक्त ,
दर्प से कहता है,
कतार तोड़ने    वाला   ,
मुझे  कतार पसंद  नहीं  ,
कतार में !
कायर,कमजोर रहता है ...
अपने को सफल
रणनीतिकार  ,नियामक ,
सेलिब्रिटी !
हमें भीड़ का भाग ,
बेवकूफ
कहता है  ....
बताये  कोई  विकल्प  
रहें कतार में या 
तोड़ दे 
कतार को......... ?


                        उदय वीर सिंह .


 

12 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपूर्ति बाधित है, आनन्द बाधित है।

रविकर फैजाबादी ने कहा…

सदा लिबर्टी ले रहे, सेलिब्रिटी अवतार |
हम कतार में ही मरें, बार बार हर बार |
बार बार हर बार, ख़त्म राशन हो जाता |
ख़तम सिनेमा टिकट, नहीं एडमिशन पाता |
कायर ना कमजोर, मगर आदत के मारे |
दान करें मतदान, हमेशा बिना विचारे ||

Manu Tyagi ने कहा…

बढिया

रविकर फैजाबादी ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

Maheshwari kaneri ने कहा…

आज जनता सिर्फ और सिर्फ कतार में..कब तक ? समझ नही आता..

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

बहुत सही से हर कतार की व्याख्या कर दी है आपने

Madan Saxena ने कहा…

आपकी कविता में भावों की गहनता व प्रवाह के साथ भाषा का सौन्दर्य भी है .उम्दा पंक्तियाँ .

Madan Saxena ने कहा…

आपकी कविता में भावों की गहनता व प्रवाह के साथ भाषा का सौन्दर्य भी है .उम्दा पंक्तियाँ .

dheerendra ने कहा…

बेवकूफ
कहता है ....
बताये कोई विकल्प
रहें कतार में या
तोड़ दे
कतार को........

बहुत खूब शानदार अभिव्यक्ति,,,,बधाई,,,उदय जी,,,

RECENT P0ST ,,,,, फिर मिलने का



शारदा अरोरा ने कहा…

बढ़िया रचना , हिंदी पर कविता भी भा गई ..आप शायद हमारी वाणी से नहीं जुड़े हैं ..इसीलिए आपकी रचनाएँ जानकारी में नहीं आ पाईं ...

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

सुंदर रचना |
मेरी नई पोस्ट:-
मेरा काव्य-पिटारा:पढ़ना था मुझे