सोमवार, 26 नवंबर 2012

होना ही चाहिए -


शक्ति कोई  भी हो, समाज

बदलना  ही  चाहिए-
पथरायी  आँखों  को, रास्ता
मिलना  ही चाहिए -
रात कुछ लम्बी हो गयी है,
बेबसी व विपन्नता की
उगाओ  सूरज   कि  ,प्रभात
होना  ही  चाहिए-
मांगने  से तो  मौत  भी ,
कहीं   नहीं मिलती ,
मांगते  हो  जिंदगी  तो हौसला
होना  ही चाहिए-
वजूद रखना है  इनसान का 
दो रोटी का  भरोषा 
होना ही चाहिए -
खैरात नहीं है जिंदगी का मिलना,
उसके हिस्से का शबाब ,
मिलना ही चाहिए -
गिरफ्तार  है शाजिशन ,
चढ़ा  देंगे  सलीब  पर
हिदुस्तान की रिहाई पर फैसला
होना ही चाहिए -



                                     -  उदय वीर सिंह 





8 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मुक्त हो अब देश अपना..

Rajesh Kumari ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार 27/11/12 को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी आपका चर्चा मंच पर स्वागत है!

Ayodhya Prasad ने कहा…

मांगने से तो मौत भी ,
कहीं नहीं मिलती ,
मांगते हो जिंदगी तो हौसला
होना ही चाहिए-

बहुत बढ़िया ..

रविकर ने कहा…

आँखें पथराती गईं, नहीं सुबह नहिं शाम |
हँसी -ख़ुशी के आ रहे, नहीं कहीं पैगाम |
नहीं कहीं पैगाम, दाम नित्य मौत वसूले |
मिटता गया वजूद, आज तो जीवन भूले |
बुझती आशा ज्योति, दागती गर्म सलाखें |
अब आयेगा कौन, करकती रविकर आँखें |

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

होना तो चाहिए पर बस होता नहीं .... सुंदर अभिव्यक्ति

सदा ने कहा…

शक्ति कोई भी हो, समाज
बदलना ही चाहिए-
पथरायी आँखों को, रास्ता
मिलना ही चाहिए -
बहुत ही बढिया ...

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

गिरफ्तार है शाजिशन ,
चढ़ा देंगे सलीब पर
हिदुस्तान की रिहाई पर फैसला
होना ही चाहिए -

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ,,,,

recent post : प्यार न भूले,,,