सोमवार, 19 मई 2014

क्या गीत प्रेम के गुम हुए -

कानों   में   क्रंदन   स्वर  क्यों  हैं
क्या   गीत  , प्रेम   के   गुम   हुए -
वीभत्स    शब्द   हैं   अधर   सजे
क्या मधु  स्वर  व्यंजन कम हुए -

क्या संध्या, प्रभात  की सन्धियां 
अशक्त   टूट    कर   बिखर  गयीं 
या अचला अम्बर के अनुबंध बंध
ढीले   हुए   या   अति   अक्षम  हुए -

अधरों  पर  हाला ,  हस्त ,  शस्त्र 
आतंक    नियामक   विष   वमन 
विद्वेष   दुराग्रह  मानस  मलीन
पथ    मानवता    के   अर्पण   हुए  


                   - उदय  वीर सिंह