गुरुवार, 24 जुलाई 2014

आशाओं को पंख लगे ....


*****
आशाओं  को  पंख  लगे 
नित अरमानों के मेले हों -
नेह  सरित  की  धार बहे 
शुचिता संकल्प सुहेले हों -
अभिव्व्यक्ति को राह मिले 
जीवन को खुशियां सारी
वैधव्यहीन आँचल हो जाये 
पथ पावन प्रेम के डेरे हों -

                       - उदय वीर सिंह  

9 टिप्‍पणियां:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत ख़ूब!

राजेंद्र कुमार ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (25.07.2014) को "भाई-भाई का भाईचारा " (चर्चा अंक-1685)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह जम रहे हैं खूब :)

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

अच्छी कामना।
बढ़िया प्रस्तुति।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

अच्छी कामना।
बढ़िया प्रस्तुति।

कालीपद प्रसाद ने कहा…

आमीन ! शुभकामनाएं
अच्छे दिन आयेंगे !

Anusha Mishra ने कहा…

बहुत ख़ूब

Pratibha Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर...

आशा जोगळेकर ने कहा…

आपकी इस शुभ कामना में हम भी शामिल हैं।