गुरुवार, 21 अगस्त 2014

याद आये बहुत ....

याद  आये  बहुत ,गुम शिकायत हुई
एक पल  में  हजारों , सदी जी लिया -
कहने को तो दिलवर से बातें बहुत थीं
दिलवर  की सुनीं अपने लब सी लिया -

एक नदी थी रही जूझती पत्थरों संग
अब  दिल  के  दयारों में  घर ले लिया -

समंदर  में  रहकर   भी  प्यासा  रहा
देकर अमृत किसी को जहर पी लिया-

                                                -   उदय वीर सिंह

Photo: याद आये बहुत ,गुम शिकायत हुई 
एक  पल में हजारों सदी जी लिया -

कहने को तो दिलवर से बातें बहुत थीं 
दिलवर की सुनीं अपने लब सी लिया -

एक नदी थी रही जूझती पत्थरों संग 
अब दिल के दयारों   में घर ले  लिया -

समंदर   में रहकर  भी  प्यासा  रहा 
देकर अमृत किसी को जहर पी लिया-

उदय वीर सिंह

2 टिप्‍पणियां:

राजेंद्र कुमार ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (22.08.2014) को "जीवन की सच्चाई " (चर्चा अंक-1713)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

आशीष भाई ने कहा…

बढ़िया रचना व लेखन , आ. धन्यवाद !
I.A.S.I.H - ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )