गुरुवार, 7 अगस्त 2014

मुझे मौन रहने दो -


Photo: न बनो मेरी वेदना के स्वर 
मुझे मौन रहने दो -
खामोशियों में तेरे शब्द गूंजते हैं 
निहितार्थ सुनने दो -
तुम्हें जरुरत होगी अक्षय पियूष की 
मुझे गरल पिने दो -
पीड़ा बन गयी है मेरी पैरहन उदय 
उन्हीं के साथ रहने दो -
आज खाली है दामन उसकी उलफत से 
यादों के संग रो लेने दो  -
मुझे बहुत रंज है अपनी नाफरमानी का 
उसे कहने दो मुझे सुनने दो -

                       -  उदय वीर सिंह
न बनो मेरी वेदना के स्वर
मुझे मौन रहने दो -
खामोशियों में तेरे शब्द गूंजते हैं
निहितार्थ सुनने दो -
तुम्हें जरुरत होगी अक्षय पियूष की
मुझे गरल पिने दो -
पीड़ा बन गयी है मेरी पैरहन उदय
उन्हीं के साथ रहने दो -
आज खाली है दामन उसकी उलफत से
यादों के संग रो लेने दो -
मुझे बहुत रंज है अपनी नाफरमानी का
उसे कहने दो मुझे सुनने दो -

- उदय वीर सिंह

4 टिप्‍पणियां:

राजेंद्र कुमार ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (08.08.2014) को "बेटी है अनमोल " (चर्चा अंक-1699)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

मनोज कुमार ने कहा…

रचना अच्छी लगी ।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वाह...।
बहुत सुन्दर।

Pratibha Verma ने कहा…

सुन्दर रचना...