मंगलवार, 2 अगस्त 2016

आप की रक्षा... मेरा अधिकार है

आप मुझे जानते हैं यह आपका बड़प्पन है
आपको मैं जानता हूँ यह मेरा सौभाग्य है- 
आपने सम्मान दिया यह मेरा प्रसाद है 
आपको मान देना यह मेरा कर्तव्य है -
आप का सहयोग मेरे लिए पतवार है 
आप का सहयोग करना मेरा धर्म है -
आपने मेरी सेवा की आप की कृपा है 
आप की सेवा करना मेरा संस्कार है -
आप के बुरे दिन मेरी परीक्षा के दिन 
आप की शुभ-आशीष मेरा पुरस्कार है -
आपने मेरी रक्षा की आप की दया है 
आप की रक्षा करना मेरा अधिकार है 

उदय वीर सिंह 

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (03-08-2016) को "हम और आप" (चर्चा अंक-2423) पर भी होगी।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'