शनिवार, 15 अप्रैल 2017

खोखली जड़ों के पेड़ जिंदा नहीं रहते

तूने जिसे छूआ  नहीं अछूत समझकर 
दुनियाँ ने अपनायाउसे सपूत समझकर 
ईश्वर ने बनाया जीव बनाई तुमने जाति
मानवता ने अपनाया उसे दूत समझकर 
खोखली जड़ों के पेड़ जिंदा नहीं रहते 
परिंदे भी छोड़ जाते हैं कमजोर समझ कर -
उदय वीर सिंह 

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