शनिवार, 21 नवंबर 2020

दीप की बातें करता है ...

 वतन निराला है अपना ,ये प्रीत की बातें करता है।

डरता न डराता मंत्र जपे,ये नीति की बातें करता है।
अनमोल धरा का मंदिर है,वासी हैं देव धरा के हम,
दुनियां करती बारूद की बातें, ये दीप की बातें करता है।
सत्य अहिंसा दया प्रेम की धार यहीं से निकली है,
भारत का पवन परिंदा भी नव गीत की बातें करता है।
मानवता की वलिवेदी पर,न्यौछावर सौ बार शपथ,
हर मनुज दिवाली बैसाखी,रंग ईद की बातें करता है।
उदय वीर सिंह।