सोमवार, 10 जनवरी 2022

वीर बालक दिवस " 26 दिसम्बर"


 .....स्वागत योग्य✍️

अमेरिकी स्टेट असेंबली द्वारा महान शहीद गुरु -पुत्रों " छोटे साहिबजादों " को विश्व के सबसे कम उम्र के 'शहीद ' का अप्रतिम ख़िताब दिया जाना विश्व-जन-मानस का सिक्खी व सिक्ख-दर्शन  के प्रति अद्दभुत श्रद्धा तथा स्वागतयोग्य सत्कार है।

  साथ ही भारत सरकार का 26 दिसंबर को अपने देश में गुरु-पुत्रों " साहिबजादों " के शहीदी दिवस को " वीर बालक-दिवस " के रूप में घोषित कर मनाए जाने की घोषणा स्वागत योग्य है।

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जब शख्शियत अंशुमान हो जाती है।

बादलों की कोशिश नाकाम हो जाती है।

रग-रग में मूल्य संस्कारों का खून बहता हो,

सिक्खी सारे जहां में महान हो जाती है।

तख्तो ताज के जानिब बहाते खून देखा है,

वतनो धर्म के ऊपर सिक्खी कुर्बान जाती है।

उदय वीर सिंह।

2 टिप्‍पणियां:

Ravindra Singh Yadav ने कहा…



नमस्ते,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा सोमवार (10-01-2022 ) को (चर्चा अंक 4305) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। 09:00 AM के बाद प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।

चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।

यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।

हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

#रवीन्द्र_सिंह_यादव

Ankit choudhary ने कहा…

स्वागत योग्य निर्णय 🙏