शुक्रवार, 5 मई 2023

सरदार रखते हैं...


 





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संत व सिपाही की फितरत सरदार रखते हैं।

सत्ता  नहीं  शासन  नहीं  सरोकार  रखते हैं।

किसी ने रचे खांचे,तहखाने दौलत के वास्ते,

पीरोंने आशियाने बनाये उसमें प्यार रखते हैं।

एक इंसान को जरूरत नूरी इंसानियत की है,

समतल धरातल की उम्मीद आधार रखते हैं।

हम आदमी हैं ये तार्रुफ़ क्या काफी नहीं वीर

क्यों झूठी शान में ऊंची-नीची दीवार रखते हैं।

उदय वीर सिंह।

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