गुरुवार, 4 नवंबर 2021


 







बंदी छोड़ दिवस( 52 कैदी हिन्दू राजाओं की मुक्ति )व ज्योति पर्व की लख-लख बधाई मित्रों।

मुकद्दर में सबके उजाला रहे।

मस्जिद किसी को शिवाला रहे।

कपड़ा और घर की कमीं न रहे,

सबकी थाली मयस्सर निवाला रहे।

घर आंगन में दीपक मुक़द्दस रहे

हिफ़ाजत में दामन का साया रहे।

उदय वीर सिंह।

1 टिप्पणी:

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सभी के लिए दीप पर्व मंगलमय हो|सुंदर रचना|