रविवार, 19 फ़रवरी 2017

जन्म दिन की अनमोल बधाई प्रिये ॥

मेरे जीवन की डोर ! जन्म दिन की हृदय से मुबारकबाद ! रब ने बख्सा अनमोल को एक बे-मोल को। मैं खुशनसीब हूँ की तेरा साथ है ...रहे जन्मों तक .शुक्रिया !
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जीवन का सफर कहूँ 
या रब की नजर कहूँ - 
मरुधर में एक नदी या 
मरुधर का शजर कहूँ -
तलाश में है आईना
एक रोशनी का दर
इसको खबर कहूँ या
अपनी उमर कहूँ -
सहता रहा थपेड़े
जब भी जहां मिला
तुम्हें शाने जिगर कहूँ
या जंगे जफर कहूँ -
उदय वीर सिंह 

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंलवार (21-02-2017) को
सो जा चादर तान के, रविकर दिया जवाब; (चर्चामंच 2596)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

Kavita Rawat ने कहा…

जन्मदिन की अशेष हार्दिक शुभकामनाएं!