शनिवार, 23 जनवरी 2016

मेरा भारत जिंदाबाद रहेगा ....

हम रहें न रहें ये आबाद रहेगा 
मेरा देश मेरा भारत जिंदाबाद रहेगा -
बे-मिशाल है वतन बा-खयाल है वतन 
हम कहें न कहे निर्विवाद रहेगा -
संस्कारों ने है ये सींचा गुलदारे चमन 
सरफरोश हम रहे हैं ये आजाद रहेगा -
वन्देमातरम की बोली हर जुबां की है बोली 
गाता रहे युगों तक सूरो साज रहेगा - 
जर्रा जर्रा हिंदुस्तानी हमखयाल वतनपरस्ती है 
बंद आँख फिर भी ये ख्याल रहेगा -

उदय वीर सिंह 

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (23-01-2016) को "कुछ सवाल यूँ ही..." (चर्चा अंक-2231) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

भाव और प्रभाव से सहमत...