सोमवार, 17 अप्रैल 2017

किसकी शाख किसके फल

किसकी शाख किसके फल लगने लगे 
केशर की क्यारियों में  जहर उगने लगे -
हर खुशी हर गम में शरीक थे कुनबे 
अब रोटी भी हिन्दू मुसलमान की कहने लगे -
जो हाथ उठते थे मोहब्बत से दुआओं के 
उस हाथ से बेमुरौअत पत्थर चलने लगे-
कश्मीर आतंक का नहीं मोहब्बत का घर था 
आज घर आतंकी दड़बों में बदलने लगे -

उदय वीर सिंह 


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