रविवार, 26 अप्रैल 2015

स्वप्न का अनुबंध कैसा ...

फलसफ़ों की बात है 
कौन झूठा कौन सच्चा -
सबके अपने राग स्वर हैं 
कौन मंदा कौन अच्छा -
मौत के कर कब चुने हैं 
कौन  बूढ़ा कौन बच्चा -
वेदना के नैन जाने  
स्वप्न का अनुबंध कैसा -
जाएँ बिखर संकल्प के स्वर 
मोद का यह जन्म कैसा -
रोई कलम जब सत्य लिखते 
न्याय से संबंध कैसा -

उदय वीर सिंह 







1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (27-04-2015) को 'तिलिस्म छुअन का..' (चर्चा अंक-1958) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक