रविवार, 11 नवंबर 2012

दिवाली मनाना चाहता हूँ -



दिवाली !
मनाना चाहता हूँ -
खेलना चाहता हूँ जुआ,
दांव पर लगाना चाहता हूँ 
जो मेरे पास है -
छल ,कपट , हिंसा ,व्यभिचार 
कदाचार , भ्रष्टाचार ,अन्याय 
असंतोष ,अविश्वास .....
समस्या है !
मैं हारना चाहता हूँ 
कोई मुझसे जीतना नहीं चाहता ....l
इन रक्ताये रत्नों की बर्बादी ही,
मेरी खुशहाली है ,
मेरा दिवालिया होना ही ,
मेरी दिवाली है ....
मुद्दतों से मनाई नहीं ,
दिवाली मनाना 
चाहता हूँ ....l 
मेरा प्रयास है ,
शकुनी की नहीं 
किसी धन्वन्तरी
की तलाश है ....l

                   -  उदय वीर सिंह 


11 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
त्यौहारों की शृंखला में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धनपूजा और भाईदूज का हार्दिक शुभकामनाएँ!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत खूबसूरत प्रस्तुति
दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें |

RECENT POST:....आई दिवाली,,,100 वीं पोस्ट,

म्यूजिकल ग्रीटिंग देखने के लिए कलिक करें,

रविकर ने कहा…

दीप पर्व की

हार्दिक शुभकामनायें
देह देहरी देहरे, दो, दो दिया जलाय-रविकर

लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

Manu Tyagi ने कहा…

बहुत बढिया । आपको दीपावली की शुभकामनायें

Rajesh Kumari ने कहा…

आपको दिवाली की शुभकामनाएं । आपकी इस खूबसूरत प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार 13/11/12 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आप का हार्दिक स्वागत है

वन्दना ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति.

दीप पर्व की आपको व आपके परिवार को ढेरों शुभकामनायें

मन के सुन्दर दीप जलाओ******प्रेम रस मे भीग भीग जाओ******हर चेहरे पर नूर खिलाओ******किसी की मासूमियत बचाओ******प्रेम की इक अलख जगाओ******बस यूँ सब दीवाली मनाओ

संध्या शर्मा ने कहा…

मंगलमय हो दीपों का त्यौहार... आपको व आपके समस्त परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें......

प्रेम सरोवर ने कहा…

दीपावली की अनंत शुभकामनाएँ!!
नया पोस्ट.. प्रेम सरोवर पर देखें।

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…

क्या भाव हैं!

दीवाली में खेलें जुआ, दुरगुन लगा के दांव।

देखें कैसे नहि मिले, रोटी कपड़ा अरु छाँव।।

सुंदर संक्षिप्त प्यारा सन्देश

हरे माँ लक्ष्मी हर का क्लेश

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ...

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…




ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

**♥**♥**♥**● राजेन्द्र स्वर्णकार● **♥**♥**♥**
ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ


प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

काश अपने दुर्गुण हार जाऊँ मैं...