बुधवार, 13 मई 2015

अपने हाथों लिखनी होगी -

Udaya Veer Singh's photo.
चाहते हो पाँवों को आसमां देना
तो जमीं भी देनी होगी -
चाहते हो दासतां को बयां करना
तो पहले सुननी होगी -
मुकद्दर न आई है खुद चल करके 
अपने हाथों लिखनी होगी -
बाद जाने के आबाद खामोशी होगी
होगी तो तेरी कमी होगी-
सँजो लेना यादों से प्यार का आँचल
जब आँखें शबनमीं होगी -
उदय वीर सिंह

1 टिप्पणी:

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

बहुत अच्छा लिखा है आपने .....