रविवार, 17 मई 2015

देख दिल की नजर....

देख दिल की नजर इंसान दिखाई देगा
गीत इलहाम का सब ओर सुनाई देगा -

किसी के दर्द में , हमदर्द बनकर देखो
अपने तो सराहेंगे पराया भी बधाई देगा -

मंजिल मिल जाती है तिनकों के सहारे
बात छोटी सी  क्या उसकी उतराई देगा -

उदय ढूंढा है दर- बदर ताउम्र जिसको
दिल रब का घरौंदा है देखो तो दिखाई देगा -

कुछ मासूम सवालों को हिजाब दे दोगे
फिर कभी पुछेंगे तो क्या सफाई देगा -

उदय वीर सिंह

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (18-05-2015) को "आशा है तो जीवन है" {चर्चा अंक - 1979} पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक
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रचना दीक्षित ने कहा…

मंजिल मिल जाती है तिनकों के सहारे
बात छोटी सी क्या उसकी उतराई देगा -
बेहतरीन